पिछले कुछ हफ्तों से सोने के दाम लगातार रिकॉर्ड ऊँचाइयों को छू रहे थे। 99.9% शुद्धता वाला सोना जहां ₹1,15,100 प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गया था, वहीं 99.5% शुद्धता वाला सोना ₹1,14,600 तक बिक रहा था। लेकिन सोमवार को अचानक Gold Price Fall in India 2025 देखने को मिला और दाम लगभग ₹1,300 प्रति 10 ग्राम नीचे आ गए।
यह गिरावट निवेशकों द्वारा की गई प्रॉफिट बुकिंग और वैश्विक आर्थिक संकेतों की वजह से देखने को मिली।
निवेशकों ने किया प्रॉफिट बुकिंग
सोने की कीमतों में आई तेज़ बढ़त के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग्स बेचना शुरू कर दिया। बाजार की यही चालू गतिविधि दामों में गिरावट का मुख्य कारण बनी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी सोना नई ऊँचाई पर पहुँचता है, तो निवेशक मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं। यही हालात इस बार भी बने और बाजार ने एक ब्रेक लिया।
अंतरराष्ट्रीय कारक और अमेरिकी फेड का असर
इस बार Gold Price Fall केवल घरेलू वजहों से नहीं हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी को लेकर वैश्विक स्तर पर निवेशक सतर्क हो गए हैं।
अमेरिकी डॉलर में थोड़ी मजबूती आई है, जिसका असर सोने पर पड़ा। डॉलर मज़बूत होता है तो निवेशकों की नज़रें वैकल्पिक निवेश साधनों पर जाती हैं, जिससे सोने की मांग थोड़ी कम हो जाती है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
चाँदी भी हुई सस्ती
केवल सोना ही नहीं, बल्कि चाँदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में चाँदी लगभग ₹1,670 गिरकर ₹1,31,200 प्रति किलो पर आ गई। यह दर्शाता है कि कीमती धातुओं के बाजार में फिलहाल मुनाफावसूली का दौर चल रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए फायदे
Gold Price Fall का सबसे बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिल सकता है। शादी-ब्याह के सीजन में अक्सर लोग सोना खरीदते हैं और पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ती कीमतों ने उन्हें परेशान कर दिया था।
अब कीमतों में आई यह गिरावट उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी है और लंबी अवधि में सोने का रुख फिर ऊपर की ओर रह सकता है।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों को यह समझना ज़रूरी है कि सोना एक दीर्घकालिक सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब भी बाजार में अस्थिरता होती है, सोने को “सेफ हेवन” की तरह देखा जाता है।
वर्तमान गिरावट को कई विशेषज्ञ एक स्वाभाविक सुधार (Correction) मान रहे हैं। उनका कहना है कि जैसे ही अमेरिकी फेड की नीतियों पर स्पष्टता आएगी और वैश्विक बाजार स्थिर होंगे, सोना फिर से मज़बूत हो सकता है।
विशेषज्ञों की राय
- कम अवधि में उतार-चढ़ाव: आने वाले दिनों में सोने की कीमतें थोड़ी और ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
- लंबी अवधि का निवेश लाभकारी: आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति को देखते हुए सोने में लंबे समय के लिए निवेश अभी भी एक सुरक्षित विकल्प है।
- डॉलर और कच्चे तेल पर नज़र रखें: डॉलर की चाल और कच्चे तेल के दाम भी सोने के भविष्य को प्रभावित करेंगे।
आम लोगों के लिए सुझाव
- जरूरत के हिसाब से खरीदें – अगर शादी या त्योहार में खरीदारी करनी है तो यह समय फायदेमंद हो सकता है।
- निवेश को लंबी अवधि में देखें – सोने को तुरंत मुनाफे के लिए खरीदने से बचें।
- डॉलर और वैश्विक बाजार पर नज़र रखें – क्योंकि घरेलू कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी होती हैं।
- ETFs और डिजिटल गोल्ड पर विचार करें – ये आसान और सुरक्षित विकल्प हैं।
निष्कर्ष
Gold Price Fall in India 2025 यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। एक ओर यह उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है, तो दूसरी ओर निवेशकों के लिए यह संकेत है कि जल्दबाज़ी में फैसले लेने के बजाय दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
सोना हमेशा से भारतीयों की पहली पसंद रहा है—चाहे वह गहनों के रूप में हो या निवेश के रूप में। कीमतों में यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में सोने की चमक बनी रहने की पूरी संभावना है।
Gold Price Fall से जुड़े सवाल-जवाब
Q1. Gold Price Fall क्यों हुआ?
सोने की कीमतों में ₹1300 प्रति 10 ग्राम की गिरावट मुख्य रूप से निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण हुई। इसके साथ ही डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की गिरावट ने भी असर डाला।
Q2. सोने की कीमत कितनी गिरी है?
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना करीब ₹1,300 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,13,800 के आसपास पहुँच गया है।
Q3. क्या चाँदी की कीमतों पर भी असर पड़ा है?
हाँ, सोने के साथ-साथ चाँदी भी गिरी है। इसकी कीमत लगभग ₹1,670 घटकर ₹1,31,200 प्रति किलो हो गई।
Q4. क्या यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और इसे “मार्केट करेक्शन” माना जा सकता है। लंबे समय में सोने की कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।
Q5. आम उपभोक्ताओं के लिए यह समय कैसा है?
शादी-ब्याह या त्योहार में सोना खरीदने वालों के लिए यह राहत का समय है, क्योंकि लगातार बढ़ती कीमतों के बाद थोड़ी गिरावट आई है।
Q6. निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को जल्दबाज़ी में बिकवाली से बचना चाहिए। सोने को हमेशा लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है। ETFs और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प भी अच्छे साबित हो सकते हैं।
Q7. आगे सोने का रुख कैसा रहेगा?
सोने की दिशा डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल के दाम और अमेरिकी फेड की नीतियों पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक अनिश्चितताएँ बनी रहीं, तो सोने में फिर तेजी देखी जा सकती है।
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